समुंदरी रेत पर कामुक मज़ा


नमस्कार दोस्तों,

आज मैं आपको अपनी समुन्द्र के किनारे मिएँ बिकनी यानी पैंटी और और पतले से ब्रा वाली लड़की कसी चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ | दोस्तों किसी आम लड़कियों से ज्यादा मुझे हमेशा से मॉडल लड़कियां पसंद है और ऐसी ही लड़कियों कोड एखने और अपनी तीखी नज़रों के वार करने में मैं अक्सर ही अपने शहर के समुन्द्र के किनारे जा या करता था | वहाँ मुझसे इन अधनंगी लड़कियों को देखते हुए बहुत मज़ा आता था और कभी तो मैं समुन्द्र में नहाते हुए ही अपने लंड को मसलते हुए मुठ मार लिया करता था | मुझे वो गोरे बदन पर मस्त चूतड़ और चुचों के गलिरयारा और भीगी लड़की को चुचक को देखने में बहुत ही उत्तेजना अंदर से जागती हुई महसूस होती थी |



मैंने अपने इसी सहाक के एक दिन एक लौंडिया की चुत भी मारा ली | एक दिन दोपहर को वहाँ मुझे एक बिकनी में कड़ी लड़की बहुत पसंद आई जिससे मैंने यूँही बातें करना शुर कर दिया | दोस्तों हम बातों में एक दूसरे से बहुत मेल खा रहे थे और फिर वहीँ पूरी दोपहर बैठकर बातें करने लगे | हमारी दोस्ती बस इसी दोपाहिर में बहुत अच्छी खासी हो चुकी थी और देखते – देखते ही शाम ची हो चली | हम अब उस समुन्रा के किनारे में आगे बढते चले गए और एक कोने की जगह में आ चुके थे | वहाँ दूर - दूर तक कोई नहीं नज़र आ रहा था | अब मेरा ध्यान उसकी अधनंगे तन पर जाने लगा | वो मुझे किसी नंगी लड़की की तरह लग रही थी और अब हमारे बेची शारीरिक करीबी भी बढ़ती जा रही थी | हम एक दुरे से सटकरर करीब बैठे हुए थे |

मैंने अब अपने एक हाथ उसकी कमर पर लपेट लिया और उसने मुझे एक कामुक मुस्कान दी | कुछ देर बाद करते हुए अचानक मेरे हाथ उसके ब्रा को खोल दिए जिससे उसके नंगे चुचे मेरे सामने ही आ गए | मैंने बा उन गोरों चुचों को मसलते हुए बड़े रोमांटिक मुड के साथ उस लड़की के होंठों अपने काबू में ले लिया और पल में ही हम अन्ग्रेमी चुसम – चुसाई कर रहे थे | मैंने अब जब उसके होठों को कसके अपने होठों से चूसने लगा तो वो भी बिलकुल मस्त वाले मुड में आ गयी और मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया | मैंने अपनी हथेली को उसकी जांघ से सरकाते हुए उसकी चुत पर रख लिया | मैंने पहले तो कई देर उसकी चुत को यूँही मसला और फिर अपने लंड को निकाल लिया जिसे वो चूसना चाहती थी |

मैंने अब उसकी हसरत पूरी करते हुए उसके मुंह में भी अपना लंड डाल दिया और वो मसला - मसल कर मेरे लंड को चूसने लगी | वो लड़की अब अपनी चुत में ऊँगली कर रही थी तो मैं सहयोग करते हुए मैंने भी अपने लंड को उसकी चुत में डाल आगे – पीछे करना शुरू कर दिया | वो मस्त वाली सिसकियाँ से मुझे गुदगुदा रही थी | मैं साथ ही अपनी चुत को को गहरायी में चोद रहा था | मैंने वहीँ समुंदरी रेत में उसकी एक टांग को पूरी तरह से उप्पर उठाते हुए सुकी गोरी चिकनी चुत में अपने लंड को तेज रफ़्तार में आर – पार किये जाने से नहीं रोका | इसी तरह चलते कामुक सफर में मेरा वीर्य भी उसकी चुत पर निकल पड़ा और हम रात भर नंगे ही एक दूसरे के बदन से लिपटे हुए वहीँ समुन्द्र के किनारे रेत पर निढाल पड़े रहे |

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